Saturday, July 4, 2020

कानपुर में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले की घटना पर........


यूँ ही नहीं खून से सन गयी वर्दी होगी,
किसी अपने ने ही गद्दारी कर दी होगी,

ईमानदारी सरेराह यूँ कत्लेआम न होती,
ज़रूर बेईमानी की जेब खूब भर दी होगी,

मुमकिन नहीं गीदड़ करें शिकार शेरों का,
सियासी पनाह ने ही कहीं हद कर दी होगी,

अब तो दबी जुबान लोग ये कहने लगे हैं,
कब बंद ये प्रायोजित गुण्डागर्दी होगी।

कमल वर्मा "गुरूजी"
०४/०७/२०२० १२:२५

Thursday, June 4, 2020

दुनिया भर में हो रहे नस्ल विरोधी हमलों पर:-



इस रंग बिरंगी दुनिया में देखो कितना फैला है रंगभेद
हमारे यहां हरा केसरिया तो तुम्हारे यहाँ काला सफ़ेद

कहने को तो दिल में बसें  हैं पर जाने क्या मज़बूरी है,
ऊपर-ऊपर साथ हमारे और भीतर है कितने मतभेद

सब धर्मों का सार यही यूँ  प्रेम भाव से हम साथ रहें,
जितना पास है उसमे खुश हों,करें ना कोई उसमें खेद

गर इतनी सी बात ना समझे फिर अनपढ़ ही कहलाओगे 
फिर चाहे पढ़ो कुरान,बाइबिल या फिर कितने ही वेद।।


कमल ०४/०६/२०२० ०३:२४