Saturday, July 6, 2013

सरकारी महगाई तेरी सदा ही जय हो.......

ये कहानी सत्य घटनावों पर आधारित है अतएव पाठकों से अनुरॊध है की इस कहानी से प्रेरित होकर इसके प्रयोगों से अपने जीवन में लाभ उठयें और खुशहाली लायें......................

कई सालों से मुझे न तो कोई पद्दोनति मिली थी और नहीं ही तनख्वाह में खास बढ़ोतरी, इसलिए कल मैं नौकरी छोड़ने के मूड से अपने बॉस के  केबिन में गया तो उसने मुझे शाम को घर पर आकर मिलने को कहा l   

ऑफिस से निकलने में देर  हो गयी थी इसलिए मैं सीधा ऑफिस से बॉस के घर के लिए निकला, चूँकि मुझे घर लौटने में देर होनी थी इसलिए मैंने घर के लिए सब्जियां पहले ही खरीद ली और उन्हें साथ लेकर सीधा बॉस  के घर पहुंचा l

वैसे तो मैं जब भी बॉस  के घर आता था तो मिठाई वगैरह जरुर ले लेता था मगर गुस्से की वजह से मैंने फ़िज़ूल खर्ची  करना उचित नहीं समझा और फिर मैं बॉस से बात करके चाय पीकर अपने घर वापस आ गया l

अगले दिन सुबह जब मैं ऑफिस गया तो देखा तो नोटिस बोर्ड पर मेरे नाम का नोटिस लगा है, जिसे पढ़कर मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गयी उसमे लिखा था की मुझे पद्दोनत कर दिया गया है और मेरी तनख्वाह बढ़ा दी गयी है एक रात में ऐसा चमत्कार मुझे कुछ समझ नहीं आया मगर दिमाग पर जोर डालने पर समझ आया की ये सब कमाल कल की सब्जियों (टमाटर , प्याज और भिन्डी वगैरह ) का था जो मैं गलती से बॉस के घर भूल आया था और उन्होंने उसे मेरा उपहार समझ कर मेरे उदारवादी ह्रदय के सम्मान स्वरुप मुझे पद्दोनति का तोहफा दिया ll

सच ही है सरकार के यहाँ अंधेर है मगर देर नहीं ..............

लोग सरकार को चाहे जो भी कहें लेकिन जो कम मैं पिछले ४  सालों में नहीं कर पाया वो इस सरकारी महगाई ने एक दिन में कर दिया 

जय हो .....जय हो….जय हो .....जय हो….जय हो .....जय हो….         

कमल वर्मा "गुरु जी"


०६/०७/२०१३   १२:३०(अपराहन) 

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