एक खबर - अब राजनैतिक गलियारों में क्रिकेटर भी भाग्य आजमाएंगे l
हो भी क्यों ना जब क्रिकेट के गलियारों में राजनेता (शरद पवार, राजीव शुक्ल जैसे निकम्मे लोग ) घुस सकते हैं तो फिर राजनीती में क्रिकेटर क्यों नहीं ?
वैसे भी आज कल टेलीविजन पर एक चिप्स बेचने वाली कंपनी का प्रचार आता है जिसमे किचेन में काम करने वाले लोग क्रिकेट के मैदान पर आ जाते हैं और अम्पायर के पूछने पर कहते हैं की जब क्रिकेटर लोग किचेन में आ जायेंगे फिर उन्हें तो मज़बूरी में मैदान में आना ही पड़ेगा
मुझे लगता है की क्रिकेट के भगवान् कहे जाने वाले सचिन और अन्य क्रिकेटरों की भी कुछ ऐसी ही मज़बूरी हो गयी है क्यों की जब राजनीती करने वाले (शरद पवार, राजीव शुक्ल और तमाम निकम्मे लोग) क्रिकेट में घुस जायेंगे तो बेचारे क्रिकेटर अपनी रोजो रोटी के लिए कहीं तो हाथ पैर मारेंगे ही
