Tuesday, March 27, 2012

"चोर की दाढ़ी में तिनका"



जब जंतर मंतर पर केजरीवाल ने एक मुहावरा कहा की "चोर की दाढ़ी में तिनका" और इस पर अगले दिन हमारे संसद में जम कर हंगामा हुआ लोगों के साथ साथ विपक्ष की नेता शुष्मा स्वराज भी बहुत खफा थी और कह रही थी कितनी शर्म की बात है की सारे सांसदों को चोर कहा गया है इस पर मैंने कहा की अरे मैडम जी केजरीवाल जी ने तो सिर्फ मुहावरा बोला था इस पर नाराज़ मैडम जी ने देखते हुए कहा की मुझे मत समझाइये  इतना तो मुझे भी पता है की कहाँ के सांसद चोर हैं और ये किसके बारे में कहा गया है .........

हंगामा है क्यूँ बरपा ..........



अन्ना के आन्दोलन के बाद आजकल सांसद में बहुत हंगामा हो रहा है और होना भी चाहिए आखिर जब लोग अपने बाप की नहीं सुनते हैं तो फॉर आप की क्यों सुने और वैसे भी बात तभी बुरी लगती है जब उसका कहीं न कहीं से आपसे सम्बन्ध हो और अगर आप ये सोंचते हैं की वोटों की भीख मांग कर चुनाव जीत कर सिर्फ आप ही एक आदरणीय बन जाते है तो ये आपकी भूल है आपको अपनी और उन सांसदों (जिन पर न जाने कितने ही केस दर्ज हैं) की गरिमा की फ़िक्र है और यही फ़िक्र तब कहाँ चली जाती है जब पाकिस्तान संविधान के मंदिर पर हमला करता है, जब दिग्गी जैसा आदमी अपने बाप की उम्र के लोगों को ठग और चोर बताता है, जब अडवाणी जैसे लोग पाकिस्तान जाकर जिन्ना को  सेकुलर बताते हैं ,जब फूलन देवी को पद और गोपनीयता की सपथ दिलाई जाती है, सदन में नोट उछाले जाते हैं  तब कहाँ सो जाता है आपका ये स्वाभिमान आपका ये आत्मसम्मान ll  

आप सब की असलियत  तेजनारायण बेचैन की बस ये चार पंकियाँ ही बयां कर देती है .....

"तोप, तमंचे, छुरे, कतरनी, पैने-चाकू भेज दिए ,
सरहद की रक्षा करने कई वीर लड़ाकू भेज दिए,
चम्बल के खेतों में अब तो कवितायें लहरातीं हैं ,
जितने भी थे हम ने चुन कर 'दिल्ली' डाकू भेज दिए ......ll