अयोध्या में विवादित स्थल को लेकर की जा रही राजनीति पर .......
न हिन्दू होता है न मुसलमान होता है,
मरने वाला तो सिर्फ एक इंसान होता है,
एक ज़रा सी बात क्यों नहीं समझ आती,
सुना था आदमी बहुत बुद्धिमान होता है ,
बिखरे हुए रिश्तों को जरा समेटकर तो देखो,
इसकी नीव पर खड़ा कैसा हिन्दुस्तान होता है,
उसको न मंदिर की चाह न मस्जिद की ज़रूरत,
हमारा दिल ही उस खुदा का असल मकान होता है ,
बचपन से पढ़ते आये हम राम रहीम की नसीहतें ,
पर आज तलक नहीं जाना क्या भगवान् होता है ,
ये किसने बाट दिया इसको तमाम कौमों में ,
खुदा की नज़र में जो सिर्फ एक इंसान होता है ,
हमारी सोंच ही बनती है ये मंदिर और मस्जिद ,
जबकि दोनों में वही ईट, पत्थर वही सामान होता है,
मुल्क की खातिर भी कभी हथियार उठाओ,
मज़हब की खातिर मरना बहुत आसान होता है
आओ कसम ले और फिर से कायम करें अमन,
इंसानियत से बढाकर भी क्या कोई भगवान् होता हैll
Kamal Verma
12:06 ,30/09/2010